हमारे लिए 'Junk Food' माना जाने वाला Pizza इटली में है हेल्थी फूड, जानें वजह

जब पिज्जा की बात आती है, तो भारत में अक्सर इसे ‘जंक-फूड’ करार दे दिया जाता है, पर असल में सब कुछ पिज्जा के टाइप और सामग्री पर निर्भर करता है.

इटली का पारंपरिक पिज्जा हल्का, पतला और ताजें टमाटरों से भरा होता है, जबकि अमेरिकी स्टाइल का पिज्जा मोटा और चीज-भरपूर होने की वजह से कैलोरी में भारी होता है.

मार्घेरिटा पिज्जा की पहचान है पतली परत, टमाटर सॉस, थोड़ा मोज़ेरेला और तुलसी. इसमें टमाटर का लाइकोपीन और मोज़ेरेला का कैल्शियम पोषण बढ़ाते हैं, इसलिए इटली में इसे फास्ट-फूड कहा जाता है, जंक-फूड नहीं.

अमेरिकी पिज्जा मोटी क्रस्ट, ज्यादा चीज़, प्रोसेस्ड मीट और तेल से भरपूर होता है. बड़ी सर्विंग के कारण जरूरत से ज्यादा खाया जाता है, जिससे वसा और सोडियम का सेवन बढ़कर इसे जंक-फूड बना देता है.

यानी पिज्जा को जंक-फूड कहना गलत नहीं, लेकिन चुनाव पर इसकी असलियत निर्भर करती है. पतली परत और ताज़ा टॉपिंग्स वाला पिज्जा सीमित मात्रा में और सब्ज़ियों के साथ संतुलित आहार का हिस्सा बन सकता है.

अगर आप हेल्दी पिज्जा  चाहते हैं तो पूरा अनाज या पतली क्रस्ट चुनें, टमाटर-बेसीड सॉस लें, चीज की मात्रा घटाएँ और प्रोसेस्ड मीट के बजाय ग्रिल्ड वेजिटेबल्स या चिकन चुनें. हर्ब्स और तुलसी स्वाद बढ़ाते हैं और तेल कम लगता है.

एक और बात, पिज्जा  का आनंद रोकना भी जरूरी नहीं. हर चीज मॉडरेशन में ठीक है. सप्ताह में एक बार घर जैसा पिज्जा  या पतली-परत वाला मार्घेरिटा लेना बेहतर है बजाय रोजाना मोटे और भारी पिज्जा  के.

बच्चों के लिए पिज्जा  चुनते समय पोषण पर ज़्यादा ध्यान दें, veggies, कम चीज, और साइड में सलाद डालिए. बाहर से लेते समय लेबल पढ़ें और साइज-कंट्रोल रखें. पानी या हल्का जायदा मीठा पेय न लें, सलाद को प्राथमिकता दें.

कुल मिलाकर पिज्जा  खुद में बुरा नहीं, खेल नियम में है, सामग्री और मात्रा तय करती है कि वह जंक-फूड बनेगा या हेल्दी-चॉइस. समझदारी से चुनें, थोड़ी सी कटौती आपकी खुशी को सेहतमंद बना सकती है.