मैंगो शेक या आम-दही? जानें आयुर्वेद के अनुसार आम खाने का सही तरीका!

आयुर्वेद में कुछ खाद्य पदार्थों को साथ मिलाना 'विरुद्ध आहार' माना जाता है, जो शरीर के दोषों को बिगाड़ सकता है.

खट्टा या अधपका आम दूध के साथ मिलाने से पाचन अग्नि कमजोर होती है, जिससे एसिडिटी हो सकती है.

पूरी तरह मीठे और पके आम को दूध में मिलाना कम हानिकारक है, फिर भी संवेदनशील पेट वालों को इससे बचना चाहिए.

आम और दही की तासीर अलग होती है; इनका साथ में सेवन शरीर में टॉक्सिन्स (विषैले तत्व) बढ़ा सकता है.

आम और दही का गलत कॉम्बिनेशन स्किन एलर्जी, मुहांसे और खुजली जैसी समस्याओं का कारण बन सकता है.

आम खाने के फौरन बाद पानी पीने से पाचन रस पतले हो जाते हैं, जिससे पेट में भारीपन महसूस होता है.

आम के बाद बहुत ठंडा पानी पीने से पेट में गैस और किण्वन (Fermentation) की प्रक्रिया शुरू हो सकती है.

आम खाने और पानी पीने के बीच कम से कम 30 से 45 मिनट का अंतराल रखना सेहत के लिए सबसे अच्छा है.

यदि मैंगो शेक या लस्सी पीने के बाद पेट फूलता है, तो समझ लें कि यह कॉम्बिनेशन आपके शरीर को सूट नहीं कर रहा. हमेशा ताजे और मीठे आम खाएं ताकि पाचन तंत्र दुरुस्त रहे.