मीठा न खाने पर भी क्यों बढ़ती है शुगर? जानिए 'तनाव' का यह छिपा हुआ सच
परहेज के बावजूद अगर ब्लड शुगर कंट्रोल में नहीं आ रहा, तो इसकी वजह आपका खानपान नहीं बल्कि बढ़ा हुआ मानसिक तनाव हो सकता है.
स्ट्रेस में शरीर खतरे से निपटने के लिए खुद को तैयार करता है; इस दौरान एड्रिनल ग्रंथि से कोर्टिसोल और एड्रेनालिन हार्मोन रिलीज होते हैं.
तनाव हार्मोन शरीर को तुरंत एनर्जी देने के लिए लिवर में जमा ग्लूकोज को खून में रिलीज कर देते हैं, जिससे शुगर स्पाइक हो जाता है.
एक्सपर्ट्स के मुताबिक शारीरिक या भावनात्मक तनाव (Emotional Stress) बिना कुछ मीठा खाए भी ब्लड शुगर का लेवल तेजी से बढ़ा सकता है.
लगातार तनाव में रहने से कोर्टिसोल का स्तर हाई रहता है, जो शरीर में इंसुलिन की प्रभावशीलता को कम कर इंसुलिन रेजिस्टेंस पैदा करता है.
टाइप-1 और टाइप-2 डायबिटीज मरीजों में तनाव हार्मोन के कारण लिवर से निकलने वाला ग्लूकोज शर्करा संतुलन को पूरी तरह बिगाड़ देता है.
अधूरी नींद और लगातार चिंता शरीर को तनाव के माहौल में रखती है, जिससे ब्लड शुगर को नॉर्मल रेंज में लाना मुश्किल हो जाता है.
ब्लड शुगर कंट्रोल करने के लिए रोजाना 7-8 घंटे की नींद लें, मेडिटेशन करें, नियमित एक्सरसाइज करें और हेल्दी डाइट अपनाएं.
डायबिटीज मैनेजमेंट में डाइट और दवाओं के साथ मानसिक स्वास्थ्य, नींद और स्ट्रेस मैनेजमेंट को शामिल करना बेहद जरूरी है.