No Tobacco Day: तंबाकू से तबाह हो सकते हैं शरीर के ये 5 अंग
तंबाकू का नाम आते ही सबसे पहले फेफड़ों के कैंसर का ख्याल आता है, लेकिन इसका जंहरीला धुआं खून के जरिए शरीर के हर हिस्से को नुकसान पहुंचाता है.
WHO के अनुसार, तंबाकू हर साल 80 लाख से ज्यादा लोगों की जान लेता है. यानी दुनिया में हर मिनट करीब 15 लोग इसकी वजह से दम तोड़ देते हैं.
सिगरेट का निकोटीन कुछ ही मिनटों में ब्रेन तक पहुंच जाता है. इसके केमिकल रक्त वाहिकाओं को सिकोड़ देते हैं, जिससे ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है.
दिमाग की नसों को नुकसान पहुंचने के कारण धूम्रपान करने वाले लोगों में याददाश्त (Memory),फोकस्ड और दिमाग के काम कने की छमता कमजोर होने लगती है.
निकोटीन ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट को बढ़ाता है, जबकि कार्बन मोनोऑक्साइड खून में ऑक्सीजन कम कर देती है. इससे हार्ट अटैक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है.
धूम्रपान करने से किडनी की छोटी रक्त वाहिकाएं डैमेज हो जाती हैं. इससे किडनी की फिल्टर करने की क्षमता घटती है और क्रॉनिक किडनी डिजीज का खतरा बढ़ता है.
सिगरेट के ज़हरीले टॉक्सिन्स लिवर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और सूजन (Inflammation) बढ़ाते हैं. शराब के साथ स्मोकिंग का कॉम्बिनेशन लिवर को बहुत जल्दी डैमेज करता है.
स्मोकिंग से आंखों के रेटिना को नुकसान पहुंचता है. धूम्रपान करने वालों में मोतियाबिंद , आंखों में सूखापन और 'मैक्युलर डिजनरेशन' का खतरा बढ़ जाता है.
सिर्फ सिगरेट पीने वाले ही नहीं, बल्कि उनके आस-पास रहने वाले लोग भी इस धुएं के कारण गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं. आज ही यह लत छोड़ें.