गर्मी में भूलकर भी न जाएं इन 5 हिल स्टेशंस 

मैदानी इलाकों में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और हीटवेव के कारण लाखों लोग राहत पाने के लिए पहाड़ों की तरफ भाग रहे हैं.

पहाड़ों की ठंडी हवा और शांति की उम्मीद में गए पर्यटकों को इस समय सिर्फ बंपर-टू-बंपर ट्रैफिक और गाड़ियों का धुआं मिल रहा है.

मनाली में इस सीजन 10-10 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम देखा जा रहा है. सोशल मीडिया पर लोग पूछ रहे हैं- यह वेकेशन है या सजा?

शिमला में कुछ ही दिनों के भीतर लाखों गाड़ियाँ एंट्री कर चुकी हैं. यहां के संकरे औपनिवेशिक रास्ते इस भारी दबाव को झेलने में नाकाम हैं.

वीकेंड्स पर शिमला का ढली-कुफरी स्ट्रेच पूरी तरह चोक हो जाता है. लोग होटल पहुंचने से पहले घंटों सड़कों पर बिता रहे हैं.

खूबसूरत दार्जिलिंग में न सिर्फ न्यू जलपाईगुड़ी से आने वाला रास्ता जाम है, बल्कि भारी भीड़ के कारण पानी का संकट भी गहरा गया है.

दिल्ली से नजदीक होने के कारण मसूरी में हर वीकेंड 6 से 7 हजार गाड़ियां पहुंच रही हैं. देहरादून से मसूरी का 1 घंटे का सफर 3 घंटे ले रहा है.

नैनीताल की भौगोलिक बनावट ऐसी है कि सारी सड़कें झील के पास आकर मिलती हैं. पार्किंग फुल होने से पूरा शहर ग्रिडलॉक हो चुका है.

पहाड़ खूबसूरत हैं, लेकिन इस पीक सीजन में वहां जाना मानसिक तनाव दे सकता है. समझदारी इसी में है कि ऑफ-सीजन या किसी अनएक्सप्लोर्ड जगह का प्लान बनाएं.