अक्सर लोग लौकी को एक बेस्वाद या सादी सब्जी समझकर उसकी अहमियत को नज़रअंदाज़ कर देते हैं, लेकिन हकीकत ये है कि लौकी अपने भीतर सेहत से भरपूर कई गुण समेटे हुए है.
यह एक ऐसी सब्जी है जो साल भर मिलती है और गर्मियों में खासतौर पर फायदेमंद मानी जाती है. आयुर्वेद में भी इसका ज़िक्र बड़े महत्व के साथ किया गया है.
लौकी को कुछ लोग घीया भी कहते हैं और इसका वैज्ञानिक नाम है 'Lagenaria siceraria'. इसे ‘अलाबू’ नाम से जाना गया है.
लौकी का इस्तेमाल मीठे और नमकीन दोनों तरह के व्यंजन बनाने में किया जाता है, जैसे सब्जी, जूस या फिर खीर. खासकर गर्मी में इसका सेवन शरीर को ठंडक देने का काम करता है.
कम कैलोरी और ज्यादा फाइबर वाली यह सब्जी पेट को देर तक भरा हुआ महसूस कराती है. इसलिए जो लोग वज़न कम करना चाहते हैं, उनके लिए लौकी का जूस या इसकी सब्जी एक बेहतरीन आप्शन हो सकती है.
व्रत के दौरान भी लोग इसका सेवन खीर के रूप में करते हैं, जिसमें दूध और मेवे का मिश्रण होता है. इससे शरीर को भरपूर ऊर्जा मिलती है और दिनभर एक्टिव बने रहने में मदद मिलती है.
आयुर्वेद विशेषज्ञ मानते हैं कि लौकी में दूध जैसी ताकत होती है और यह शरीर के लिए कई स्तरों पर फायदेमंद होती है. बाल झड़ने या गंजेपन से परेशान लोग लौकी के पत्तों का रस सिर पर लगाकर राहत पा सकते हैं.
वहीं, इसकी भस्म को शहद के साथ मिलाकर आंखों पर लगाने से रतौंधी और आंखों की रोशनी की समस्या में लाभ मिल सकता है.
अगर सिरदर्द बार-बार होता है, तो कड़वी लौकी के बीज से निकाले गए तेल को माथे पर लगाने से आराम महसूस हो सकता है.
इसके सेवन से शरीर में ताजगी बनी रहती है और ऊर्जा का स्तर बेहतर होता है. थकावट, कब्ज या हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्याओं से राहत पाने के लिए भी लौकी का जूस बेहद कारगर है.