किचन का चॉपिंग बोर्ड कर सकता है बीमार, जानें 6 जरूरी सेफ्टी टिप्स

बोर्ड पर चाकू के गहरे निशान, नमी और फंसे हुए खाने के टुकड़ों में ई. कोलाई और साल्मोनेला जैसे हानिकारक बैक्टीरिया पनप सकते हैं.

कच्चे मीट या चिकन काटने के बाद बिना धोए उसी बोर्ड पर फल-सब्जियां काटने से फूड पॉइजनिंग का खतरा सबसे ज्यादा बढ़ जाता है.

क्रॉस-कंटैमिनेशन रोकने के लिए लाल (कच्चा मीट), पीला (चिकन), नीला (सीफूड) और हरा (फल व सब्जियां) बोर्ड इस्तेमाल करना बेहतर होता है.

लकड़ी और प्लास्टिक के बोर्ड सबसे लोकप्रिय हैं. ग्लास या स्टील साफ करने में आसान हैं, लेकिन इन पर चाकू फिसलने से चोट लग सकती है.

प्लास्टिक बोर्ड पर चाकू से बार-बार काटने पर माइक्रोप्लास्टिक के बारीक कण खाने में मिल सकते हैं, इसलिए घिसे हुए बोर्ड को तुरंत बदलें.

हर इस्तेमाल के तुरंत बाद बोर्ड को डिश सोप और गुनगुने या गर्म पानी से धोएं. धोने के बाद इसे पूरी तरह सुखाकर ही स्टोर करें.

गंदे चॉपिंग बोर्ड को साफ करने वाले स्पंज से बाकी बर्तन न धोएं. बर्तन साफ करने वाले स्पंज को हमेशा साफ और सूखा रखना जरूरी है.

लकड़ी या प्लास्टिक के बोर्ड 1 से 3 साल में बदल देने चाहिए. यदि बोर्ड पर गहरे कट, दरारें या खांचे बन जाएं तो उसे तुरंत नया खरीदें.

मजबूत और आसान सफाई वाला बोर्ड चुनें, दरार वाले बोर्ड से बचें, सुखाकर रखें और FSSAI के नियमों के तहत कच्चे व पके भोजन के लिए अलग बोर्ड रखें.