3  घंटे के अंदर खा लें पका खाना,आयुर्वेद से जानें इसका कारण 

आयुर्वेद के अनुसार बचा हुआ यानी लंबे समय तक रखा हुआ खाना नहीं खाना चाहिए क्योंकि इससे सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है.

विज्ञान कहता है कि बचा हुआ खाना गर्म करके खाया जा सकता है लेकिन आयुर्वेद इस पर अलग नजरिया रखता है.

ताजा बना हुआ खाना हेल्दी पोषक तत्वों से भरपूर होता है. जबकि पुराना खाने में पोषक तत्वों की मात्रा कम हो जाती है.

आयुर्वेद के अनुसार, खाना पकाने के 1-3 घंटे तक ही ताजा रहता है इसलिए उसे इस बीच खा लेना चाहिए.

आयुर्वेद के अनुसार, पहले से पके हुए खाने को स्टोर करते समय वैक्यूम पैकिंग या हीट इंसुलेशन का ऑप्शन अपना सकते हैं ताकि खाने में बैक्टीरिया न पनपे और वह खाने लायक रहे.

आयुर्वेद के अनुसार, अगर आप बचा हुआ खाना खाते हैं तो इससे आपको कई दोष और पाचन तंत्र से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं.

तीन मुख्य दोषों जिसमें वात, पित्त, कफ में वात दोष पाचन तंत्र से बहुत जुड़ा होता है और बासी खाना खाने से शरीर में असंतुलन पैदा होता है.

योग और आयुर्वेद के सभी समर्थक कहते हैं कि खाने की क्वालिटी आपके स्वभाव को तय करती है. ताजा, हेल्दी और सात्विक खाने से शरीर ऊर्जावान रहता है.

बासी, जंक और राजसिक भोजन खाने से स्वभाव में भी आलस और गुस्सा बढ़ जाता है. इसलिए  खाना हमेशा ताजा और गर्मागरम खाना चाहिए.