खाना खाने के बाद भूलकर भी न खाएं सौंफ, वरना होगा भारी नुकसान
होटल हो या घर, खाना खाने के बाद सौंफ-मिश्री खाना हमारी पुरानी आदत है. पर क्या आप जानते हैं कि यही आदत आपको बीमार कर सकती है?
क्यों है सेहत के लिए जरूरी? सौंफ पाचन सुधारने, मीठे की क्रेविंग कम करने और सांसों को ताजा रखने के लिए जानी जाती है. पर असली सौंफ और मिलावटी में फर्क समझना जरूरी है.
सेहत को भारी नुकसान आजकल बाजार में मिलने वाली चमकदार हरी सौंफ में खतरनाक सिंथेटिक रंगों की मिलावट हो रही है, जो आपके लिवर और पेट को नुकसान पहुँचा सकते हैं.
हथेली वाला टेस्ट असली-नकली की पहचान के लिए थोड़ी सी सौंफ हथेली पर रगड़ें. अगर हाथ पर हरा रंग लग जाए, तो समझो इसमें आर्टिफिशियल कलर मिला है.
पानी से करें चेक एक गिलास पानी में एक चम्मच सौंफ डालें. अगर पानी तुरंत गहरा हरा हो जाए, तो वह सौंफ मिलावटी है. असली सौंफ धीरे-धीरे रंग छोड़ती है.
चमक पर न जाएं ज्यादा चमकदार और वाइब्रेंट ग्रीन कलर की सौंफ अक्सर केमिकल वाली होती है. ऑर्गेनिक सौंफ का रंग थोड़ा हल्का और नेचुरल होता है.
स्वाद भी बताएगा राज कुछ दाने चबाकर देखें. अगर स्वाद बहुत ज्यादा कड़वा, कसैला या अजीब सा मीठा लगे, तो समझ लीजिए कि इसमें टेस्ट बढ़ाने के लिए केमिकल्स डाले गए हैं.
सूंघकर पहचानें अगर सौंफ से कोई अजीब सी या केमिकल जैसी स्मेल आ रही है, तो उसे बिल्कुल न खाएं. यह पुरानी या फफूंद लगी सौंफ हो सकती है जिस पर नया रंग चढ़ाया गया हो.
सावधानी ही बचाव है मिलावटी सौंफ खाने से एसिडिटी, स्किन एलर्जी और पेट दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं. हमेशा भरोसेमंद जगह से ही आर्गेनिक सौंफ खरीदें.