गमले की मिट्टी है या नहीं उपजाऊ? इस एक राज से चलेगा पता
पौधों की अच्छी ग्रोथ और ढेरों फूलों के लिए गमले की मिट्टी का हेल्दी होना सबसे ज्यादा जरूरी माना जाता है.
गमले की मिट्टी पलटते ही अगर उसमें छोटे-छोटे केंचुए रेंगते दिखें, तो यह उपजाऊ होने का सबसे बड़ा संकेत है.
केंचुए मिट्टी के अंदर घूमकर उसे पोला और हवादार बनाते हैं, जिससे पौधों की जड़ों तक आसानी से ऑक्सीजन पहुंचती है.
गमले में मौजूद केंचुए जैविक कचरे को खाकर खुद ही बेहतरीन प्राकृतिक खाद तैयार करते हैं, जिससे मिट्टी हमेशा उपजाऊ रहती है.
मिट्टी में केंचुए देखकर घबराएं नहीं और गलती से भी उन पर कीटनाशक न डालें, क्योंकि वे पौधों के सच्चे दोस्त हैं.
दाल-चावल धोने के बाद बचे स्टार्चयुक्त पानी को गमले में डालने से केंचुओं की संख्या तेजी से बढ़ती है.
केंचुओं का होना यह साबित करता है कि आपके पौधे एक बिल्कुल जीवित, प्राकृतिक और जैविक वातावरण में बढ़ रहे हैं.
मिट्टी में केंचुओं के होने से पौधों को भरपूर पोषण मिलता है, जिससे वे तेजी से बढ़कर खूबसूरत फूलों से महक उठते हैं.
गमले की मिट्टी में केंचुओं का पनपना हर गार्डनर के लिए बेहद खुशी और एक बेहतरीन सेहतमंद मिट्टी का शुभ संकेत है.