टमाटर के पौधे पर फूल आते ही करें ये 1 काम, मिलेंगे बड़े-बड़े टमाटर
अक्सर टमाटर के पौधों में ढेर सारे फूल तो आते हैं, लेकिन वे फल बनने से पहले ही सूखकर गिर जाते हैं या टमाटर का साइज बहुत छोटा रह जाता है.
गार्डनिंग एक्सपर्ट्स के अनुसार, इस समस्या का सबसे बड़ा कारण जड़ों से मिलने वाले पोषण का पौधों के ऊपरी हिस्से यानी फूलों तक न पहुंच पाना है.
मुख्य तने और बड़ी पत्तियों के बीच के V-शेप जोड़ से छोटे-छोटे नए पौधे जैसे हिस्से निकलने लगते हैं, जिन्हें गार्डनिंग की भाषा में 'सकर्स' (Suckers) कहा जाता है.
ये सकर्स देखने में भले ही अच्छे लगें, लेकिन जड़ों से आने वाला मुख्य न्यूट्रिशन और एनर्जी यही सोख लेते हैं, जिससे फूलों को पोषण नहीं मिल पाता.
जैसे ही पौधे पर पीले फूल दिखाई दें, अपनी उंगलियों की मदद से इन अनचाहे और एक्स्ट्रा ग्रोथ वाले 'सकर्स' को पिंच करके तुरंत हटा (Prune) दें.
सकर्स हटाते समय ध्यान रखें कि पौधे की मुख्य सब-ब्रांच को कोई नुकसान न पहुंचे, क्योंकि यही टहनियां आगे चलकर टमाटरों का वजन संभालती हैं.
सकर्स के हटते ही पौधे की एनर्जी बर्बाद होना बंद हो जाती है और सारा पोषण सीधे फूलों तक पहुंचता है, जिससे फूलों का झड़ना पूरी तरह रुक जाता है.
पूरा पोषण मिलने से हर एक फूल बहुत जल्दी मजबूत, जूसी और बड़े साइज के लाल टमाटरों में बदलने लगता है, जिससे पौधे पर टमाटरों की संख्या कई गुना बढ़ जाती है.
सकर्स हटाने के बाद पौधे में वर्मीकंपोस्ट या केले के छिलके का लिक्विड फर्टिलाइजर डालें, मिट्टी में हल्की नमी रखें और रोजाना 6-7 घंटे की अच्छी धूप दें.