गुड़हल में आएंगे ढेरों फूल; एक्सपर्ट ने बताए गार्डनिंग के सीक्रेट हैक्स
बाजार के महंगे केमिकल वाले फर्टिलाइजर छोड़ें, अब किचन के पानी से ही आपका गुड़हल का पौधा ढेरों फूलों से लद जाएगा.
चावल धोने के बाद पानी फेंके नहीं. इसमें मौजूद स्टार्च, नाइट्रोजन और पोटेशियम पौधे की जड़ों को मजबूत बनाते हैं.
दाल भिगोने वाला पानी प्रोटीन और मिनरल्स से भरपूर होता है, जिससे पौधे में नई शाखाएं और कलियां तेज़ी से निकलती हैं.
पोटेशियम से भरपूर प्याज के छिलकों को 24-48 घंटे पानी में भिगोकर जड़ों में डालें. यह कलियां लाने में सबसे असरदार है.
केले के छिलके का पानी डालने से फूलों का आकार बड़ा और रंग गहरा होता है, साथ ही कलियों का गिरना बंद होता है.
गुड़हल को एसिडिक मिट्टी पसंद है. नींबू का पानी मिट्टी का pH लेवल बैलेंस कर पौधे को पोषण सोखने में मदद करता है.
इन सभी लिक्विड फर्टिलाइजर्स को एक साथ डालने के बजाय 7 से 10 दिनों के अंतराल पर बदल-बदलकर इस्तेमाल करें.
फर्टिलाइजर के साथ-साथ पौधे को रोजाना कम से कम 5 से 6 घंटे की सीधी धूप मिलना बेहद जरूरी है.
गमले की मिट्टी में हमेशा नमी बनाकर रखें, लेकिन ज्यादा पानी देने से बचें ताकि जड़ें सड़ने न पाएं.