बारिश में पौधों की कटाई: भूलकर भी न करें ये गलती, सूख जाएगा पौधा
मानसून में पौधे तेजी से बढ़ते हैं, जिसे देख लोग भारी कटाई-छंटाई (Pruning) शुरू कर देते हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स ऐसा करने से मना करते हैं.
बारिश में नमी के कारण कटे हुए हिस्से सूख नहीं पाते, जिससे वहां फंगस लग जाती है. यह फंगस जड़ों को सड़ाकर पौधे को मार देती है.
मानसून के दौरान पौधों की मोटी डालियों या मुख्य तनों को बिल्कुल न काटें. भारी कटाई से पौधा गहरे शॉक में चला जाता है.
अगर कटाई जरूरी हो, तो सिर्फ ऊपर की कोमल और अनचाही टहनियों की ही हल्की छंटाई करें ताकि पौधे का शेप बना रहे.
ज्यादा घने पौधों का केवल 10% से 20% हिस्सा ही काटें. इससे पौधे को नुकसान पहुंचे बिना उसकी ग्रोथ अच्छी होगी.
हल्की छंटाई करने से पौधे के अंदरूनी हिस्सों तक धूप और हवा आसानी से पहुंचती है, जिससे कीड़े-मकोड़े और नमी जमा नहीं हो पाती.
पौधे की जो डालियां सूख चुकी हैं, टूट गई हैं या जिनमें बीमारी लगी है, उन्हें कटर से तुरंत काटकर अलग कर देना ही समझदारी है.
अगर पौधों की भारी और गहरी कटाई (Hard Pruning) करनी ही है, तो मानसून के पूरी तरह खत्म होने और अच्छी धूप निकलने का इंतजार करें.
बारिश के मौसम में पौधों के साथ की गई एक छोटी सी लापरवाही आपके सालों पुराने हरे-भरे गार्डन को हमेशा के लिए बर्बाद कर सकती है.