नींद में ही क्यों आता है सबसे ज्यादा हार्ट अटैक? जानिए इसके लक्षण
हार्ट अटैक अब आम बात बन गया है. अब यह सिर्फ बूढ़े या मोटापे वाले ही नहीं, बल्कि फिट और एक्टिव लोग भी इसका शिकार हो रहे हैं.
डॉक्टर बताते हैं कि नींद के दौरान हार्ट अटैक का खतरा रहता है. नींद में दिल धीमे से धड़कता है और ब्लड प्रेशर कम रहता है.
अर्ली मॉर्निंग में हार्ट अटैक का खतरा ज्यादा होता है. सुबह-सुबह हार्मोन स्तर बढ़ने से ब्लड में क्लॉटिंग का खतरा रहता है, जिससे दिल पर दबाव बढ़ता है.
मोटापे वाले लोगों
में हार्ट अटैक का खतरा सबसे ज्यादा देखा गया है. दिल पर अतिरिक्त दबाव और रक्त वाहिकाओं में रुकावट इसके कारण बनती है.
नींद में हार्ट अटैक आने के कई लक्षण है. सबसे पहला और आम लक्षण है सीने में तेज या दबाव जैसा दर्द. यह अचानक या धीरे-धीरे भी हो सकता है.
अचानक पसीना आना,
उल्टी जैसा महसूस होना
या जी मिचलाना भी हार्ट अटैक का संकेत हो सकता है.
अगर बिना ज्यादा मेहनत किए भी सांस फूल रही है, तो यह दिल या फेफड़ों में तरल जमा होने का संकेत हो सकता है.
बार-बार चक्कर आना और दिल की धड़कन का असामान्य होना- कभी धीमी, कभी तेज, सावधानी का संकेत है.
इन संकेतों को हल्के में न लें. अगर ऐसे लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. समय पर इलाज जान बचा सकता है.