तुलसी में लग गए हैं कीड़े? बिना एक पैसा खर्च किए ऐसे बनाएं संजीवनी घोल

बारिश के मौसम में हवा में नमी बढ़ने से तुलसी के पौधे पर बारीक कीड़े, एफिड्स और घोंघे पत्तियों का रस चूसकर उसे सुखाने लगते हैं.

तुलसी के धार्मिक और औषधीय महत्व के कारण इस पर रासायनिक कीटनाशक छिड़कने से बचना चाहिए, यह पौधे को नुकसान पहुंचा सकते हैं.

तुलसी को बचाने के लिए माली ने खट्टी छाछ (मट्ठे) और हींग से बना बिल्कुल मुफ्त और प्राकृतिक देसी घोल इस्तेमाल करने की सलाह दी है.

यह स्प्रे बनाने के लिए आपको 1 ग्लास खट्टा मट्ठा (या 1 चम्मच खट्टी दही), चुटकी भर हींग और आधा लीटर साफ पानी की जरूरत होगी.

हींग की तीखी गंध और खट्टे मट्ठे के एसिडिक गुण आपस में मिलकर एक ऐसा जैविक मिश्रण बनाते हैं, जिससे घोंघे और कीड़े तुरंत दूर भागते हैं.

24 घंटे पुराने खट्टे मट्ठे में चुटकी भर हींग मिलाएं. स्प्रे बोतल का नोज़ल ब्लॉक होने से बचाने के लिए इस मिश्रण को सूती कपड़े से छान लें.

छने हुए मट्ठे में आधा लीटर पानी मिलाएं और स्प्रे बोतल में भरें. ज्यादा कीड़े होने पर इसमें कुछ बूंदें लिक्विड सोप की भी मिला सकते हैं.

इस घोल को पत्तियों के निचले हिस्से, तनों और मिट्टी पर अच्छी तरह स्प्रे करें. हफ्ते में 2 बार छिड़काव करने से कीड़े पूरी तरह गायब हो जाएंगे.

यह स्प्रे कीटनाशक के साथ-साथ बेहतरीन फर्टिलाइजर का काम भी करता है. इसके नियमित इस्तेमाल से तुलसी में नई और घनी पत्तियां आने लगेंगी.