अयोध्या राम मंदिर के लिए तैयार किया गया ध्वज क्यों हैं इतना खास?

अयोध्या राम मंदिर में 25 नवंबर 2025, मंगलवार को भव्य ध्वजारोहण समारोह होने वाला है. इस खास मौके के लिए विशेष ध्वज तैयार किया गया है.

राम मंदिर के लिए तैयार किया गया ये ध्वज गुजरात के दासादा कस्बे की 80 साल पुरानी फर्म ने बनाया है. इसे हर मौसम झेलने लायक बनाया गया है.

इस झंडे की लंबाई 22 फीट और चौड़ाई 11 फीट है, जिसे पैराशूट फैब्रिक और प्रीमियम सिल्क सैटिन की तीन लेयर से बनाया गया है.

आपको बतादें कि ध्वज को राम मंदिर के 161 फीट ऊंचे शिखर पर लगे 42 फीट के फ्लैगपोल पर फहराया जाएगा.

लगे 42 फीट  ऊंचे इस फ्लैगपोल में 360 डिग्री घूमने वाली बॉल बेयरिंग तकनीक लगाई गई है ताकि तेज हवा में भी ध्वज आसानी से लहराता रहे.

इसको तीन लेयर कपड़े और मजबूत धागों से बनाया गया है. यह 60 किमी/घंटा की तेज हवा को भी आसानी से सह सकता है.

इस ध्वज को राकेश मेटकर के नेतृत्व में 7–8 कारीगरों ने बनाया है. इसमें कढ़ाई, लाइनिंग और बारीक सिलाई जैसे सभी काम हुए हैं.

आपको बता दें कि मंदिर का डिजाइन अहमदाबाद के आर्किटेक्ट चंद्रकांत सोमपुरा ने बनाया. वहीं, सूरत के हीरा व्यापारी ने भगवान राम के लिए 6 किलो का कीमती मुकुट दान किया.

यह ध्वज केवल एक फैब्रिक नहीं, बल्कि राम मंदिर की आस्था, कारीगरी और देश की सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है.