भारतीय वायु सेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने Axiom-4 स्पेस मिशन पूरा कर लिया है. वे तीन अन्य अंतरिक्ष यात्रियों के साथ SpaceX के ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट में सवार होकर धरती पर लौट आए.
ड्रैगन कैप्सूल मंगलवार, 15 जुलाई को भारतीय समयानुसार दोपहर करीब 3 बजकर 1 मिनट पर प्रशांत महासागर में उतरा। यह लैंडिंग कैलिफोर्निया के तट के पास हुई.
Axiom-4 मिशन के दौरान क्रू ने 31 देशों से जुड़े 60 विज्ञान एक्सपेरिमेंट्स किए. ये रिसर्च लाइफ साइंसेज, मटेरियल साइंस, मानव शरीर विज्ञान और पृथ्वी के रिसर्च से जुड़ी है.
इसी वजह से इसे अब तक का सबसे ज्यादा विज्ञान-केंद्रित Axiom मिशन माना जा रहा है. भारत, पोलैंड और हंगरी के लिए यह मिशन ऐतिहासिक कहा गया है.
बता दें, शुभांशु शुक्ला पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री हैं जिन्होंने ISS की यात्रा की है. राकेश शर्मा के बाद शुभांशु अंतरिक्ष में कदम रखने वाले दूसरे भारतीय हैं.
ऐसे में आइए आपको बताते हैं क्या है Axiom मिशन 4, जिसमें उन्होंने अंतरिक्ष में कई तरह के एक्सपेरिमेंट्स किए और स्पेसशिप के जरिए रोजाना हजारों किलोमीटर का सफर किया.
Axiom मिशन 4, जिसे Ax-4 कहा जाता है, इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के लिए चौथा निजी मानव मिशन है. इसे Axiom Space ने NASA और SpaceX के साथ मिलकर आयोजित किया.
ये मिशन अंतरिक्ष को कमर्शियल बनाने की दिशा में बड़ा कदम है. इसका मकसद अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाना और माइक्रोग्रैविटी में नई खोज करना है.
रिपोर्टों के मुताबिक, भारत ने इस मिशन में करीब 548 करोड़ रुपये लगाए हैं. यह रकम NASA और Axiom के साथ ट्रेनिंग, लॉन्च, ISS तक यात्रा और अन्य व्यवस्थाओं पर खर्च हुई.