इंसान का सबसे दूर स्थित दूत: वॉयजर-1 का अंत करीब?

नासा का वॉयजर-1 अंतरिक्ष में हमारे सौर मंडल के पार जा रहा है. इसे 45 साल पहले अंतरिक्ष में भेजा गया था.

वॉयजर 1 को 1977 में अंतरिक्ष में भेजा गया था और यह आज भी यात्रा कर रहा है. 

इसने बृहस्पति के दो नए चंद्रमा थेबे और मेटिस की खोज की थी.

वॉयजर 1 ने पहली बार बृहस्पति के चारों ओर पतली रिंग होने का खुलासा किया था.

1980 में वॉयजर 1 शनि के बेहद करीब से गुजरा और शानदार तस्वीरें भेजीं. इसकी मदद से शनि ग्रह के 5 चंद्रमाओं की खोज हुई.

वॉयजर 1 को शनि के चंद्रमा टाइटन पर नाइट्रोजन से भरा घना वातावरण मिला. 

इंसान की सबसे दूर पहुंचा वाइजर-1. यह अबतक की सबसे दूर पहुंची मानव निर्मित वस्तु बन चुका है.

वॉयजर 1 की वजह से धरती की मशहूर “पेल ब्लू डॉट” तस्वीर दुनिया ने देखी. इसे भी इसी रोबोटिक प्रोब ने भेजा था.

हालांकि अब वाइजर-1 अपने जीवन के अंतिम चरण में पहुंच चुका है. नासा के वैज्ञानिकों के मुताबिक वॉयजर का AACS सिस्टम सही जानकारी नहीं दे रहा है.

वायजर इस समय पृथ्वी से 23 अरब किलोमीटर दूर है. यह दूरी इतनी है कि पृथ्वी और वॉयजर से एक मैसेज आने और उसे वापस वॉयजर को भेजने में 48 घंटे का समय लग जाता है.