नवरात्र में जरूर करें भारत के 9 सबसे प्रसिद्ध दुर्गा मंदिर के दर्शन
नैनीताल का नैना देवी मंदिर नैनी झील के उत्तरी किनारे पर स्थित है यहां देवी सती नैना देवी की पूजा होती है जिनके दो नेत्र मंदिर में दर्शाए गए हैं.
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में ज्वाला देवी मंदिर है 51 शक्तिपीठों में से एक है यह कालीधार पहाड़ी पर स्थित प्रमुख तीर्थ स्थल है.
कामाख्या शक्तिपीठ गुवाहाटी असम के नीलांचल पर्वत पर है यहां माता सती का योनि भाग गिरा था इसे 51 शक्तिपीठों में सर्वोत्तम माना जाता है.
करणी माता मंदिर राजस्थान के बीकानेर जिले के देशनोक में स्थित है चूहे वाले मंदिर नाम से प्रसिद्ध है यहां हजारों काबा चूहे पवित्र माने जाते हैं
कोलकाता का दक्षिणेश्वर काली मंदिर प्रसिद्ध है कहते हैं महारानी रासमणि ने स्वप्न में मां काली का निर्देश पाकर इस मंदिर का निर्माण करवाया और मां की मूर्ति स्थापित की.
अम्बाजी मंदिर गुजरात-राजस्थान सीमा पर स्थित है 1200 साल पुराना श्वेत संगमरमर से निर्मित मंदिर है यहां मां अम्बा का श्री-यंत्र है 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है.
वाराणसी के रामनगर में दुर्गा मंदिर स्थित है इस मंदिर में एक वर्गाकार आकृति का तालाब बना हुआ है जो दुर्गा कुंड के नाम से जाना जाता है
श्री महालक्ष्मी मंदिर विभिन्न शक्ति पीठों में से एक है और महाराष्ट्र के कोल्हापुर में स्थित है जहां भक्तों की मनोकामना पूरी होती है.
कर्नाटक के बेलगाम में श्रीसंगी कलिका मंदिर देवी काली को समर्पित है यह ऋषि श्रृंगी की तपोभूमि है यह लगभग 2000 साल पुराना यह प्राचीन मंदिर है.