बुद्ध पूर्णिमा 2026: शांति और समृद्धि की राह, जानें शुभ मुहूर्त और खास उपाय!

2026 में बुद्ध पूर्णिमा '1 मई' को मनाई जा रही है. यह दिन भगवान बुद्ध की '2588वीं' जयंती का प्रतीक है.

बुद्ध पूर्णिमा के दिन ही राजकुमार सिद्धार्थ का जन्म हुआ, इसी दिन उन्हें बोधगया में ज्ञान प्राप्त हुआ और इसी दिन उनका 'महापरिनिर्वाण' भी हुआ.

1 मई 2026 को पूर्णिमा तिथि का समापन रात 10:52 बजे होगा. इस समय तक पूजा और दान का विशेष महत्व है.

मान्यता है कि इस दिन पीपल के पेड़ में मां लक्ष्मी का वास होता है. पेड़ को जल और मीठा अर्पित करने से घर में सुख-समृद्धि आती है.

आर्थिक तंगी से मुक्ति के लिए चंद्रमा को दूध, चावल और चीनी का अर्घ्य देना अत्यंत शुभ माना जाता है.

धन संबंधी समस्याओं को दूर करने के लिए मां लक्ष्मी को 10 कौड़ियां अर्पित कर उन्हें लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी में रखने की परंपरा है.

इस दिन लुम्बिनी, बोधगया, सारनाथ और कुशीनगर में विशेष उत्सव मनाए जाते हैं. 

कुंडली में चंद्रमा की स्थिति मजबूत करने के लिए चांदनी रात में 15 मिनट बैठना और भगवान शिव की आराधना करना फलदायी होता है.

यह पर्व मुख्य रूप से भगवान बुद्ध के अहिंसा, करुणा, दया और सत्य के मार्ग पर चलने की याद दिलाता है.