चंद्र ग्रहण के समय भूलकर भी न करें तुलसी से जुड़ी ये गलती, वरना हो सकता है भारी नुकसान
साल 2025 का दूसरा सबसे बड़ा चंद्र ग्रहण 7 और 8 सितंबर की रात को लगने वाला यह ग्रहण पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा और भाद्रपद महीने की पूर्णिमा तिथि पर लगेगा.
वैज्ञानिकों के मुताबिक सूर्य की रोशनी पृथ्वी की वजह से चंद्रमा पर नहीं पड़ती है,इस घटना को चंद्र ग्रहण कहा जाता है.
सिर्फ पूर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण लगता है यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा इसके साथ ही एशिया, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और अमेरिका के कई हिस्सों में यह चंद्र ग्रहण देखा जा सकता हैं.
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चंद्र ग्रहण में मंदिरों के कपाट बंद हो जाते हैं और ग्रहण काल के समय तुलसी का पत्ता छूना भी अशुभ होता है.
तुलसी के पत्ते सूतक काल सें पहलें ही तोंड़कर खाने में और पीनें के पानी में डाल लेनें चाहिए ताकि ग्रहण का अशुभ प्रभाव उस पर न पड़े.
तुलसी कभी भी बासी नहीं माना जाता हैं ग्रहण कें बाद स्नान कर के तुलसी पर गंगाजल छिड़करकर इसकी पूजा करनी चाहिए.
7 सितंबर को रात 9:58 मिनट से शुरू होकर 8 सितंबर को रात 1:26 मिनट तक रहेगा इस दौरान का चंद्रमा का रंग बदला हुआ नजर आएगा
यह चंद्र ग्रहण भाद्रपद मास की पूर्णिमा पर लगेगा भाद्रपद पूर्णिमा से ही पितृपक्ष की शुरुआत होती है ऐसे में ज्योतिषों का मानना हैं कि श्राद्ध कर्म सूतक काल शुरू होने से पहले ही संपन्न कर लेने चाहिए.
यह एक पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा जो पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में लगेगा. इस चंद्र ग्रहण को 'ब्लड मून' कह रहे हैं.