Holi 2026: होलिका दहन कैसे करें, जान लीजिए क्‍या चीजें चाहिए

आज 2 मार्च 2026 को रात में होलिका दहन होगा, क्योंकि फाल्गुन पूर्णिमा तिथि दो दिन यानी 2 और 3 मार्च को पड़ रही है.

कल 3 मार्च को चंद्रग्रहण भी है, इसलिए कुछ पंचांगों में धुलंडी 3 मार्च और कुछ में 4 मार्च को मनाई जाएगी.

होलिका दहन सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि मौसम बदलाव के साथ अच्छी सेहत का भी पर्व है. यह ऋतुओं का संधिकाल है, जब ठंड जा रही है और गर्मी आने लगती है.

होलिका में यज्ञ की तरह फल, शहद, गोबर के कंडे, काली मिर्च, हल्दी, घी, कमल गट्टा, काले तिल, चंदन और नीम की लकड़ी डाली जाती है.  

इन औषधियों का धुआं वातावरण को शुद्ध करता है और स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है.  

होलिका की परिक्रमा इसलिए की जाती है क्योंकि इसमें भक्त प्रह्लाद और भगवान विष्णु की भी पूजा होती है.  

होलिका जलने की कथा है कि लाखों साल पहले- भगवान विष्णु ने प्रह्लाद की रक्षा की थी, इसलिए अग्नि को पवित्र मानकर सावधानी से परिक्रमा कर आशीर्वाद लिया जाता है.  

जलती होलिका में नई फसल जैसे गेहूं-चने का कुछ भाग डाला जाता है, क्योंकि यह फसल पकने का उत्सव है.  

ठीक वैसे ही जैसे घर में खाना बनाकर पहले भगवान को भोग लगाते हैं, वैसे ही किसान नई फसल होलिका में चढ़ाकर खुशियां मनाते हैं.