दिवाली पर पुराने दीपक जलाना शुभ या अशुभ? जानें नियम

दीपावली का पावन त्योहार प्रकाश, समृद्धि और शुभ ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है.

प्रकाश का पर्व दिवाली अंधकार पर प्रकाश की जीत और घर में सुख-समृद्धि लाने का त्योहार है.

इस दिन घर में दीप जलाने का महत्व होता है क्योंकि दीपक न केवल अंधकार को मिटाते हैं बल्कि जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का भी प्रतीक माने जाते हैं.

दिवाली पर पिछले साल के इस्तेमाल हुए मिट्टी के दीये को दोबारा जलाना शुभ होता है या नहीं? आइए जानते 

मिट्टी के दीपक को आमतौर पर एक बार ही प्रयोग में लाना शुभ माना जाता है. 

दिवाली की मुख्य पूजा में उपयोग किए गए दीयों को दोबारा प्रयोग करना अशुभ माना जाता है. मान्यता है कि पूजा में इस्तेमाल हुई मिट्टी नकारात्मक ऊर्जा को सोख लेती है.

धनतेरस या नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली) की रात को यमदेव के लिए जलाया जाने वाला पुराना दीपक सरसों के तेल के साथ जलाया जा सकता है.

पूजा-पाठ के लिए इस्तेमाल किए गए धातु के दीप पीतल, चांदी  को अच्छी तरह साफ करके दोबारा इस्तेमाल करना शुभ और पर्यावरण-हितैषी होता है.

पूजा-पाठ में टूटा हुआ दीपक जलाना अशुभ होता है क्योंकि इससे धन की हानि और नकारात्मकता आती है.