Navratri Day 2-मां ब्रह्मचारिणी संग इन देवी-देवताओं की भी होती है पूजा

नवरात्रि के द्वितीया तिथि को मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की जाती है जिनके स्वरूप की आराधना करने से भक्तों में धैर्य, ज्ञान और वैराग्य का संचार होता है.

द्वितीया तिथि को मां ब्रह्मचारिणी संग अन्य देवी-देवताओं का स्मरण और वंदन भी किया जाता है.

पूजा की शुरुआत भगवान गणेश की वंदना से होती है. विघ्नहर्ता कि आराधना से सभी बाधाएं दूर होती हैं और मां दुर्गा की पूजा से पहले गणेश वंदना करना शुभ माना जाता है.

द्वितीया तिथि पर भगवान शिव और भगवान विष्णु का स्मरण भी किया जाता है.

इतिहास-पुराण के अनुसार मां ब्रह्मचारिणी ने कठोर तपस्या कर शिव जी को पति रूप में प्राप्त किया था.

इस दिन शिवलिंग पर जल, बेल पत्र और अन्य पूजा सामग्री अर्पित करना बेहद लाभकारी माना जाता है.

नवरात्रि के दूसरे दिन धन और समृद्धि की देवी माता लक्ष्मी और विद्या और ज्ञान की देवी माता सरस्वती की पूजा भी की जाती है. इनकी पूजा से जीवन में बुद्धि, सफलता प्राप्त होता है.

द्वितीया तिथि पर कुबेर देव और ग्रह देवताओं का स्मरण भी किया जाता है. इससे घर में संपत्ति, सुख-शांति और परिवार की समृद्धि बनी रहती है.

गणेश जी, शिव जी, विष्णु जी, लक्ष्मी माता और सरस्वती माता की मां ब्रह्मचारिणी के साथ पूजा की जाती है जिससे घर और परिवार पर विशेष कृपा बनी रहती है.