Pitru Paksha 2025: जानें किस दिशा में लगानी चाहिए पितरों की तस्वीर, मिलेगा आशीर्वाद
इस बार पितृ पक्ष 8 सितंबर से शुरू होकर 21 सितंबर यानी सर्वपितृ अमावस्या तक चलेगा. इसके अगले ही दिन से शारदीय नवरात्र की शुरुआत होगी.
पौराणिक मान्यता है कि पितृ पक्ष में हमारे पूर्वज भूलोक पर आते हैं और इस दौरान किए गए श्राद्ध और तर्पण को स्वीकार करते हैं.
पिंडदान और तर्पण करने से पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है और परिवार पर उनकी कृपा बनी रहती है, जिससे जीवन में सुख-समृद्धि आती है.
वास्तु शास्त्र के अनुसार पितरों की तस्वीर कभी भी बेडरूम या किचन में नहीं लगानी चाहिए. इससे घर में नकारात्मक असर आ सकता है.
तस्वीर लगाने के लिए दक्षिण दिशा को सबसे शुभ माना गया है. इस दिशा को पितरों की दिशा कहा गया है और यहीं उनकी कृपा सबसे प्रबल मानी जाती है.
पितरों की तस्वीर हमेशा साफ-सुथरे स्थान पर ऊँचाई पर लगाएं और उसके पास रोज दीपक या अगरबत्ती जलाएं तो और शुभ माना जाता है.
श्रद्धा के साथ
श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करना चाहिए
. साथ ही अन्न, वस्त्र और दान करने से पुण्य फल मिलता है और पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है.
फोटो के सामने गंदगी या शोर-शराबा नहीं होना चाहिए. शांत और पवित्र जगह पर तस्वीर रखने से घर का माहौल सकारात्मक बना रहता है.
सबसे बड़ी बात यह है कि पितृ पक्ष में नियमों से ज़्यादा भावना मायने रखती है. सच्चे मन से पूजा और स्मरण करने से ही पितरों की कृपा मिलती है.