सावन शिवरात्रि पर जानें पूजा का समय और महादेव की उपासना विधि
सावन माह की शिवरात्रि शिव भक्तों के लिए अत्यंत पावन और फलदायक माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन महादेव की पूजा-अर्चना करने से मनोकामनाएं शीघ्र पूरी होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है
भक्त सुबह स्नान कर व्रत का संकल्प लें, शिवलिंग पर बेलपत्र, गंगाजल, धतूरा व चंदन चढ़ाएं तथा 'ॐ नमः शिवाय' और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें. इससे शिव कथा का पाठ विशेष फलदायी होता है
रात्रि पूजन का श्रेष्ठ समय निशीथ काल में होगा, जो रात 12:08 से 12:58 बजे तक रहेगा. चार प्रहर की पूजा में जल, दूध, दही, घी, शहद और शुद्ध जल से शिवलिंग का अभिषेक किया जाता है
सावन शिवरात्रि का व्रत और पूजन रात्रि के चार प्रहरों में किया जाता है, जिसे अत्यंत शुभ और फलदायी माना गया है. हर प्रहर में शिवलिंग का अलग-अलग सामग्रियों से अभिषेक कर विशेष फल की प्राप्ति होती है
चार प्रहरों की पूजा करने से भगवान शिव अति प्रसन्न होते हैं और भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण करते हैं
यह रात्रि साधना, आरोग्य, धन, सुख और मोक्ष की प्राप्ति का श्रेष्ठ अवसर है