इस मुहूर्त पर करें शुक्र प्रदोष व्रत की पूजा, भोलेनाथ की कृपा से दूर होंगे सारे दुख

शिवभक्तों के लिए प्रदोष व्रत बेहद खास माना जाता है. इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से सुख-समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है.

आज यानी 5 सितंबर 2025, को शुक्रवार के दिन प्रदोष व्रत रखा जा रहा है. खास बात ये है कि आज ही ओणम पर्व का समापन भी होगा.

आज सुबह 03:13 बजे तक त्रयोदशी तिथि थी, जिसके बाद चतुर्दशी तिथि शुरू हो गई है. दोनों तिथियों में शिव पूजन का महत्व और भी बढ़ जाता है.

नक्षत्र की बात करें तो रात 11:38 बजे तक श्रवण नक्षत्र रहेगा. इसके बाद धनिष्ठा नक्षत्र शुरू होगा, जो देर रात तक चलेगा.

आज का करण भी खास है. दोपहर 03:46 तक कौलव करण रहेगा. इसके बाद तैतिल करण का आरंभ होगा, जो देर रात तक रहेगा.

शुक्रवार का दिन मां लक्ष्मी को समर्पित होता है. ऐसे में शिव और पार्वती की पूजा के साथ लक्ष्मी माता का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है.

आज सूर्योदय सुबह 6:14 पर हुआ. चंद्रोदय शाम 5:12 पर होगा और सूर्यास्त का समय है शाम 6:36. अगले दिन सुबह 4:26 पर फिर से चंद्रोदय होगा.

मान्यता है कि प्रदोष व्रत पर निर्जला उपवास और शिव-पार्वती की आराधना करने से पाप कटते हैं और जीवन में खुशियों का आगमन होता है.

आज का दिन दो कारणों से खास है, एक तरफ है शिव आराधना का महापर्व शुक्र प्रदोष व्रत और दूसरी ओर है ओणम का समापन. भक्तों के लिए ये दिन शुभ फल देने वाला है.