क्या है धनतेरस और समुद्र मंथन का संबंध? जानें
हिंदू धर्म में हर पर्व का अपना विशेष धार्मिक और पौराणिक महत्व होता है.
दिवाली जो अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है इसका समुद्र मंथन से भी गहरा संबंध है.
प्राचीन समय में देवताओं और असुरों ने मिलकर समुद्र मंथन किया था, ताकि अमृत कलश प्राप्त कर अमरता का वरदान प्राप्त कर सके.
इस मंथन से कई दिव्य रत्न और अद्भुत वस्तुएं प्रकट हुईं. सबसे महत्वपूर्ण था धन्वंतरि देव का प्रकट होना.
धन्वंतरि देव को आयुर्वेद और स्वास्थ्य के देवता माना जाता है इसलिए उनका प्रकट होना स्वास्थ्य और समृद्धि का प्रतीक बन गया.
इस पौराणिक घटना का प्रत्यक्ष संबंध धनतेरस से है, जो दिवाली से दो दिन पहले आता है और इसे धन त्रयोदशी कहा जाता है.
मान्यता है कि इस दिन धन्वंतरि देव सोने का अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे.
इसी कारण इस दिन सोना, चांदी और नए बर्तन खरीदने की परंपरा शुरू हुई.
यह केवल एक धार्मिक रिवाज नहीं बल्कि घर में मां लक्ष्मी की कृपा लाने, धन-वैभव बढ़ाने और परिवार में सुख-शांति बनाए रखने का माध्यम माना जाता है.