क्यों की जाती है मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा, जानें धार्मिक महत्व 

नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा होती है. उनकी पूजा करने से जीवन से रोग, कष्ट और कठिनाइयां दूर होती हैं साथ ही मां का आशीर्वाद बना रहता है.

नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की आराधना की जाती है. इस दिन उनकी पूजा करने से मानसिक शांति, बुद्धि और ज्ञान की वृद्धि होती है.

नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा होती है.विधिपूर्वक पूजा करने से जीवन में शांति आती है और दुख एवं तनाव कम होते हैं.

शारदीय नवरात्रि का चौथा दिन मां दुर्गा के कूष्मांडा स्वरूप की आराधना की जाती है. इस दिन “ॐ हृं श्रीं कूष्मांडा देव्यै नमः”का उच्चारण करने से बुद्धि, ज्ञान और सकारात्मक ऊर्जा का विकास होता है.

नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा होती है. मां की कृपा से धन से जुड़ी समस्या दूर होती है, घर में लक्ष्मी आती है और आर्थिक समृद्धि बढ़ती है.

नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाती है. उनके आशीर्वाद से सुंदरता, शक्ति और शीघ्र विवाह का वर प्राप्त होता है.

नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा होती है. इस दिन उनकी आराधना करने से भय दूर होता है और साहस एवं आत्मविश्वास में वृद्धि होती है.

अष्टमी को मां महागौरी की आराधना की जाती है. मां महागौरी के आशीर्वाद से संतान-संबंधी परेशानियां और जीवन की कठिनाइयाँ दूर होती हैं.

नवरात्रि के अंतिम दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा होती है. इनकी आराधना से जीवन के भय, चिंता और बाधाओं से मुक्ति मिलती है तथा आत्मशक्ति और सफलता की प्राप्ति होती है.