महिलाएं या पुरुष या दोनों रख सकते हैं करवा चौथ का व्रत.जानें
कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथी को करवा चौथ मनाया जाता है जो इस बार 10 अक्टूबर को है.
सुहागिन महिलाओं के लिए करवा चौथ व्रत का विशेष महत्व होता है. इस पर्व का इंतजार महिलाओं को बेसब्री से होता है.
करवा चौथ का व्रत महिलाएं अपनी पति की लंबी उम्र और अच्छे जीवन की कामना का लिए रखती है.
इस दिन निर्जला उपवास रखकर शाम को चंद्र दर्शन के बाद व्रत खोला जाता है. व्रत के नियमों का पालन करना अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिससे रिश्तों में मधुरता बनी रहे.
ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या पुरुष भी करवा चौथ का व्रत कर सकते हैं या नहीं.
मान्यता है कि करवा चौथ का व्रत करने से भगवान शिव और पार्वती की कृपा प्राप्त होती है और अच्छा जीवनसाथी मिलता है.
अगर कोई युवक चाहे तो करवा चौथ का व्रत रख सरता है. यह व्रत करने से उन्हें अच्छी वधु मिलती है.
पुरुष भी अपनी पत्नी के लिए व्रत रख सकता है. मान्यता है कि इससे पति-पत्नी के रिश्ते में मिठास आती है और साथ ही प्रेम बढ़ता है.
करवा चौथ का व्रत सिर्फ विवाहित महिला ही नहीं बल्कि पुरुष और कुंवारी लड़कियां भी रख सकती हैं