Year Ender 2025: इस साल की सबसे हैरान करने वाली धार्मिक खबरें!
महाकुंभ की आस्था प्रयागराज में साल की शुरुआत आस्था के सैलाब से हुई. 56 करोड़ से ज्यादा लोगों ने संगम में डुबकी लगाई, जो अपने आप में एक विश्व रिकॉर्ड बना.
मौनी अमावस्या का दर्द 3 फरवरी का वो दिन कोई नहीं भूल सकता, जब भारी भीड़ के कारण भगदड़ मची. अपनों को खोने के गम ने करोड़ों लोगों की आंखों को नम कर दिया.
महाकाल में टला हादसा 5 मई को उज्जैन के महाकाल मंदिर के ऑफिस में बैटरी फटने से आग लग गई. गनीमत रही कि बाबा की कृपा से कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ और समय रहते आग बुझ गई.
वैष्णो देवी में कुदरत का कहर 26 अगस्त को माता के भवन के रास्ते में भारी भूस्खलन हुआ. चट्टानें गिरने से कई यात्रियों ने जान गंवाई और खराब मौसम ने यात्रा की रफ्तार रोक दी.
काशी में 'लक्ष्मी' का आगमन? अगस्त में काशी विश्वनाथ मंदिर के शिखर पर लगातार 3 दिन तक सफेद उल्लू देखा गया. भक्तों ने इसे मां लक्ष्मी का शुभ संकेत मानकर खूब दर्शन किए.
जगन्नाथ पुरी में अशुभ साया? पुरी मंदिर के शिखर पर साल में दो बार (अप्रैल और सितंबर) चीलों का झुंड मंडराता दिखा. जानकारों ने इसे आने वाले समय के लिए एक चेतावनी या अशुभ संकेत बताया.
अयोध्या धाम में ऐतिहासिक पल 25 नवंबर 2025 को अयोध्या राम मंदिर का निर्माण ध्वजा फहराने के साथ पूरा हुआ. पीएम मोदी ने खुद अपने हाथों से मंदिर के शिखर पर धर्म की पताका लहराई.
मंदिर की पूर्णता का प्रतीक सनातन परंपरा में बिना ध्वजा के मंदिर अधूरा माना जाता है. इस साल राम मंदिर की पूर्णता ने करोड़ों राम भक्तों का दशकों पुराना सपना सच कर दिया.
आस्था का सफर उतार-चढ़ाव और चमत्कारों से भरा रहा साल 2025. आस्था की इन यादों के साथ हम नए साल की ओर बढ़ रहे हैं. जय श्री राम!