INDIA V/S ENGLAND: पिछले 10 सालों में भारत का बोल-बाला, इंग्लैंड की बड़ी हार 

इंग्लैंड और भारत दोनों टीम हर दो वर्ष में बारी-बारी एक-दूसरे देशों का दौरा करतीं हैं,भारत में टेस्ट मैच नवम्बर और जनवरी बीच खेले जाते हैं और जब भारत इंग्लैंड जाता है, तो मैच इंग्लिश गर्मियों के मौसम में खेले जाते हैं.

 इस तरह ये मैच दो वर्षों में खेले जाते हैं. भारत में, एंथनी डी मेलो ट्रॉफी एक प्रतिष्ठित पुरस्कार है, जबकि इंग्लैंड में पटौदी ट्रॉफी पर दांव लगाया जाता है.

दोनों टीमों के बीच कड़ी प्रतिद्वंद्विता होती है, और हर टेस्ट सीरीज़ कांटे की टक्कर वाली होती है. आज यही देखेंगे की पिछले 10 सालों में दोनों टीमों का क्या रिकॉड रहा.

2014 भारत इंग्लैंड में (पटौदी ट्रॉफी) : भारत पाँच मैचों की टेस्ट सीरीज़ के लिए इंग्लैंड गया. भारत ने लॉर्ड्स में दूसरा टेस्ट जीतकर अच्छी शुरुआत की. इंग्लैंड ने HOME GROUND पर अगले तीन टेस्ट जीतकर श्रृंखला 3-1 से वापसी की.इंग्लैंड को जेम्स एंडरसन की गेंदबाजी के लिए प्रशंसा मिली, एंडरसन ने पांच मैचों में 25 विकेट लिए. उन्होंने पूरे टेस्ट में कुल 518 रन बनाए॥ वहीं, भारत को बल्लेबाज़ी के मामले में काफ़ी संघर्ष करना पड़ा.

2016-17 इंग्लैंड भारत में (एंथनी डी मेलो ट्रॉफी) : जब अंग्रेज टीम टेस्ट भारत आयी तब भारत ने इंग्लैंड से अपना बदला लिया. भारत ने इंग्लैंड को 4-0 से हराकर साबित कर दिया कि HOME GROUND पर खेलना का बड़ा फ़ायदा होता है.रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा जैसे भारतीय स्पिन गेंदबाज़ों के सामने इंग्लैंड की बल्लेबाज़ी बुरी तरह लड़खड़ा गई. इस बीच, विराट कोहली ने चौथे मुंबई टेस्ट में अपने करियर की सर्वोच्च 235 रन की पारी खेली.

2018 भारत इंग्लैंड में (पटौदी ट्रॉफी) : एक बार फिर भारत पांच मैचों की टेस्ट टूर्नामेंट के लिए इंग्लैंड में था. एमएस धोनी के होने से  भारत एक मज़बूत टीम थी, क्योंकि इसी बीच MS DHONI ने अपना 500वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेला था. विराट ने भी दो शतक जड़े और सीरीज़ में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज़ बने. हालाँकि, इंग्लैंड के जेम्स एंडरसन और स्टुअर्ट ब्रॉड ने बल्लेबाजी में भारत की समग्र कमजोरियों का फायदा उठाते हुए श्रृंखला 4-1 से जीत ली.

2020/2021 इंग्लैंड भारत में (एंथनी डी मेलो ट्रॉफी) : कोविड के कारण इंग्लैंड फरवरी और मार्च 2021 में भारत के दौरे पर आया. ये टेस्ट मैच आईसीसी विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप का हिस्सा था. इंग्लैंड ने पहला टेस्ट 227 रनों से जीता, लेकिन भारत ने वापसी करते हुए दूसरा टेस्ट 317 रनों से जीत लिया. तीसरा टेस्ट भारत ने दस विकेट से और चौथा टेस्ट 25 रनों से जीता। इस तरह भारत श्रृंखला में 3-1 से विजयी रही.

2021 भारत इंग्लैंड में (पटौदी ट्रॉफी) : 2021 की गर्मियों में पांच टेस्ट मैचों की श्रृंखला के लिए भारत फिर इंग्लैंड से मिली।पहला टेस्ट ड्रॉ रहा और दूसरा टेस्ट भारत ने 151 रनों से जीता.  इंग्लैंड ने तीसरे टेस्ट 76 रनों से जीत हासिल कर बराबरी की, लेकिन फिर भारत ने चौथा टेस्ट 157 रनों से जीतकर सीरीज़ में 2-1 की बढ़त बनाई. केवल एक मैच बाकी था, लेकिन कोविड के कारण खेल में बाधा आ गई और पाँचवाँ टेस्ट रद्द किया गया, अंत में, विजेताओं का निर्धारण करने के लिए जुलाई 2022 में इंग्लैंड बनाम भारत का एक टेस्ट मैच खेला गया. पाँचवाँ टेस्ट सात विकेट से जीतने के बाद, श्रृंखला 2-2 से बराबर घोषित की गई और मैच ड्रा हुआ.

2023/2024 इंग्लैंड भारत में (एंथनी डी मेलो ट्रॉफी) : इंग्लैंड ने पहला टेस्ट 28 रनों से जीता, जिससे उसकी उम्मीदें बढ़ गई, लेकिन भारत ने वापसी करते हुए रविचंद्रन अश्विन और जसप्रीत बुमराह की दमदार गेंदबाजी से दूसरा टेस्ट 106 रनों से जीत लिया. इस बीच, यशस्वी जायसवाल ने अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ 209 रनों की पारी खेली. तीसरा टेस्ट में भारत ने 434 रनों की विशाल बढ़त बना ली,भारत ने चौथा और पाँचवाँ टेस्ट जीतकर इंग्लैंड को एक बार फिर 4-1 से धूल चटा दी.

सबसे अधिक टेस्ट मैच किसने जीते? पिछले 10 सालों में, इंग्लैंड ने दो बार टेस्ट सीरीज़ जीती है, जिसमें भारत तीन बार जीता है, और एक बार ड्रॉ भी हुआ है. यह एक कांटे की टक्कर वाली प्रतिद्वंद्विता है, लेकिन हाल के दिनों में, भारत आगे निकल गया है.