गर्मियों में भी महीनों तक ताजा रहेगा करी पत्ता, आजमाएं ये 4 देसी ट्रिक्स

पोहा, सांभर, नारियल की चटनी हो या दाल का कड़कड़ाता तड़का, करी पत्ते के बिना हर भारतीय पकवान का स्वाद और खुशबू अधूरी लगती है.

तेज गर्मी और उमस के मौसम में बाजार या गमले से लाया गया हरा-भरा करी पत्ता मात्र 2 से 3 दिनों में ही काला, सूखा और बेजान होने लगता है.

करी पत्ते को कभी भी सीधी धूप में न सुखाएं. ऐसा करने से उसकी असली खुशबू और स्वाद उड़ जाता है. पत्तियों को हमेशा छांव या पंखे की हवा में ही सुखाएं.

पत्तियों को डंडियों से अलग करके धो लें और पंखे के नीचे सुखाएं. अब एक एयरटाइट डिब्बे में नीचे और ऊपर टिशू पेपर लगाकर पत्तियों को बंद करें और फ्रिज में रखें.

धोकर सुखाए गए पत्तों को एक साफ और हल्के सूती या मलमल के कपड़े में ढीला-ढीला बांध लें. इस पोटली को फ्रिज के वेजिटेबल बॉक्स में रखें, कपड़ा अतिरिक्त नमी सोख लेगा.

अगर पत्तों को 6 महीने से ज्यादा चलाना है, तो सूखी पत्तियों को जिप-लॉक बैग में भरें. इसकी पूरी हवा (Air) निकालकर इसे सीधे फ्रीजर (Freezer) में स्टोर करें.

कड़ाही में आधा चम्मच तेल गर्म करें और पत्तों को धीमी आंच पर हल्का सा भून लें. ठंडा होने पर इन्हें कांच की बरनी में भरकर फ्रिज में रख दें.

फ्रीजर या तेल में स्टोर किए गए पत्तों को इस्तेमाल करना बेहद आसान है. जरूरत पड़ने पर मुट्ठी भर पत्ते निकालें और बिना धोए सीधे कड़कड़ाते तड़के में डाल दें.