दुनियाभर के देशों के पासपोर्ट की नई रैंकिंग सामने आ गई है. यह रैंकिंग 199 पासपोर्ट्स के आधार की जाती है. 

Henley Passport Index तैयार करता है. इसमें यह देखा जाता है कि किसी देश का पासपोर्ट धारक कितने देशों में बिना वीजा के यात्रा कर सकता है. 

इस रिपोर्ट में जितनी जगहों पर बिना वीजा के जाया जा सकता है, उतना ही वह पासपोर्ट मजबूत माना जाता है. 

2025 की ताजा रिपोर्ट में भारत ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है, जबकि पाकिस्तान का पासपोर्ट सबसे कमजोर पासपोर्ट्स में शामिल है. 

जहां भारत ने बीते 6 महीनों में 8 स्थानों की छलांग लगाकर 77वें पायदान पर जगह बना ली है. 

वहीं पाकिस्तान का पासपोर्ट अब भी दुनिया के सबसे कमजोर पासपोर्ट्स में गिना जा रहा है. 

पाकिस्तान का पासपोर्ट इस साल 96वें स्थान पर रहा, जिससे केवल 32 देशों में ही वीजा-फ्री एंट्री मिलती है. 

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि जैसे कि अफगानिस्तान, सीरिया, इराक, यमन और सोमालिया, जहां राजनीतिक और सामाजिक हालात बेहद खराब हैं. 

वहीं दूसरी पासपोर्ट रैंकिंग में सिंगापुर पहले स्थान पर है, जबकि जापान और दक्षिण कोरिया दूसरे स्थान पर हैं. 

तीसरे स्थान पर डेनमार्क, फ्रांस, जर्मनी, इटली, स्पेन, फिनलैंड और आयरलैंड जैसे सात यूरोपीय देश हैं. 

ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, स्वीडन, नॉर्वे, लक्जमबर्ग, पुर्तगाल और नीदरलैंड चौथे स्थान पर और न्यूजीलैंड, ग्रीस, स्विट्ज़रलैंड पांचवें स्थान पर हैं.