भारत की 6 अजीबोगरीब नदियां, जो बहती हैं उल्टी, दिखती हैं लाल, जानें वैज्ञानिक कारण
भारत के दिल में घने जंगलों और पहाड़ियों के बीच कई ऐसी नदीयां बहती है जो सदियों से लोगों की कल्पना को अपनी ओर खींचती आ रही है.
लेकिन क्या आप जानते हैं भारत में कुछ नदियाँ ऐसी भी है जो उल्टी दिशा में बहती हैं और कुछ नदियाँ लाल रंग की दिखती हैं. साथ ही संगीत भी सुनाती है.
1 लोकपावन नदी – उल्टा बहाव, महाराष्ट्र का आश्चर्यउस्मानाबाद ज़िले में स्थित, यह नदी उल्टी दिशा (पूर्व से पश्चिम) में बहती है.पृथ्वी कि ढलान और पारंपरिक जलग्रहण प्रणाली इसका कारण है.
2 शिवनदी – संगीत सुनाने वाली धाराजब तेज़ बहाव पत्थरों से टकराता है, तो प्राकृतिक धुनें उत्पन्न होती हैं. लोककथाओं में इसे “गायन नदी” कहा जाता है.मणिपुर में हर साल शिव नदी का संगीत उत्सव आयोजित किया जाता है.
3 लोहित –ब्रह्मपुत्र की सहायक, खूनी नदीअसम में लोहित का मतलब रक्त होता है, इसे ‘लोहिताक्ष’ यानी ‘लाल आंखों वाली’ नदी भी कहते हैं.यह नदी तांबें और लौह युक्त मिट्टी के कारण लाल रंग में बहती है.
4 दूधगंगा नदी – दूध-सा सफेद प्रवाहस्थानीय कश्मीरी लोग देवगंगा नदी को 'देवों की धारा' मानते हैं.यह झाग और बहाव की गति के कारण दूध जैसी दिखती है.
5 रूपनगढ़ नदी – सूखी नदी भी पूजनीयरूपनगढ़ नदी दशकों से सूखी है.अजमेर में हर साल, 'नदी पूजा उत्सव' भी होता है. मान्यता है कि नदी देवी रूठी हैं और पूजन से वो लौटेंगी.
6 ब्रह्मपुत्र नदी– एकमात्र पुरुष नदीयह भारत की एकमात्र नदी है, जिसका नाम पुरुषवाचक है. इसे "ब्रह्मा का पुत्र" के नाम से भी जाना जाता है और इसलिए पुरुष नदी के रूप में पूजा भी जाता है.