AI बनेगा किसानों का भाई, जानवरों से सुरक्षित करेगा फसल
जानवरों की आम बात है, जिससे किसानों की फसलें नष्ट हो जाती हैं.
किसान एक-दूसरे को खेत में बैठकर जानवरों की सूचना देते हैं.
फिलहाल इस समस्या का कोई टिकाऊ समाधान नहीं है. बल्की तारबंदी कराने की सलाह दी जाती है.
बिहार के भागलपुर में एक स्टार्टअप ने किसानों की इस समस्या का हल निकाला है.
स्टार्टअप ने एआई से चलने वाला एक उपकरण तैयार किया है, जो जानवरों की घुसपैठ का पता लगाता है.
यह उपकरण 5MP डे एंड नाइट विजन कैमरा और खास एल्गोरिदम का उपयोग करती है.
इससे जानवर की घुसपैठ के मामले में एक फोटो के साथ किसान के मोबाइल पर अलर्ट मिल जाता है.
यह उपकरण सौर ऊर्जा से चलता है और इसकी कीमत 42 हजार 500 रुपये है.
उपकरण से निकलने वाली आवाजें जानवरों के हिसाब से अलग-अलग होती हैं.
उदाहरण: नीलगाय को भगाने के लिए पटाखे और ताली की आवाज का उपयोग किया जाता है.