अगर पितृ पक्ष में इन रूपों में आते हैं पूर्वज तो भूलकर भी न करें इनका अपमान, वरना...
सनातन धर्म में पिचृ पभ का की अवधि का विशेष महत्व होता है. इस अवधि में पितरों का श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करने से उन्हें मोश्र की प्राप्ति होती है.
इस साल पितृ पक्ष की शुरुआत 7 सितंबर से 21 सितंबर यानी रविवार तक चलेगा.
माना जाता है कि पितृ पक्ष में हमारे पितर हमसे विभिन्न रूपों में मिलने आते हैं.
कई बार हम उन्हें पहचान नहीं पाते और अनजाने में ऐसी कोई भूल कर बैठते हैं, जिसके कारण हमें पितृ दोष का सामना करना पड़ सकता है.
पितृ पक्ष के दौरान कौए का विशेष महत्व होता है. क्योंकि माना जाता है कि पितृ पक्ष में 15 दिनों तक कौए जो अन्न ग्रहण करते हैं वह पितरों को प्राप्त होता है. जिससे वह तृप्त होते हैं और परिजनों को कुशल जीवन का आशीर्वाद देते हैं.
इसके अलावा ऐसा भी माना जाता है कि पितृ पक्ष के दौरान पितर गाय या बैल के रूप में आकर अपने लोगों को आशीर्वाद देते हैं. इसलिए श्राद्ध में उन्हें भी विशेष स्थान दिया जाता है.
पितृ पक्ष के दौरान यदि कोई मेहमान, गरीब या असहाय व्यक्ति आपके घर आए तो उनका आदर-सत्कार करें खाली हाथ उन्हें भूल से भी न जाने दें.
इसके अलावा पितृ पक्ष के दौरान अगर पितर सपनों में भी दिखाई दे रहे हैं. तो यह इस बात का इशारा होता है कि वे अपनी इच्छाओं को प्रकट कर रहे हैं.
पितृ पक्ष के दौरान यदि आपको लाल चींटियां दिख जाए तो वो पितरों की मौजूदगी का संकेत हो सकता है. ऐसी स्थिति में आपको चीटियों को आटा डालना चाहिए. इससे पितरों को शांति मिलती है.