अरावली की पहाड़ियों में छिपे राजस्थान के 5 जादुई रत्न, जरूर करें सैर
राजस्थान सिर्फ रेगिस्तान और गर्म हवाओं का नाम नहीं है, बल्कि 2.5 अरब साल पुरानी अरावली की खूबसूरत पहाड़ियों और ऐतिहासिक विरासतों का ठिकाना भी है.
अरावली पर्वतमाला थार रेगिस्तान के फैलाव को रोकती है. यही वजह है कि उत्तर भारत में हरियाली और पर्यावरण का संतुलन बना रहता है.
समुद्र तल से 1,722 मीटर की ऊंचाई पर स्थित माउंट आबू राजस्थान की भीषण गर्मी से राहत दिलाने वाला सबसे पसंदीदा और ठंडा ठिकाना है.
माउंट आबू स्थित दिलवाड़ा जैन मंदिर अपने सफेद संगमरमर की बेहद बारीक नक्काशी, छतों और खंभों की बेजोड़ वास्तुकला के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है.
चित्तौड़गढ़ किला: पहाड़ी पर बना यह विशाल किला राजपूतों की वीरता, बलिदान और गौरवशाली इतिहास का प्रतीक है, जहाँ विजय स्तंभ जैसी अद्भुत इमारतें मौजूद हैं.
कुंभलगढ़ किला: 15वीं शताब्दी में राणा कुंभा द्वारा निर्मित यह किला महाराणा प्रताप की जन्मस्थली है. इसकी मजबूत विशाल दीवारें पहाड़ियों में काफी दूर तक फैली हैं.
नीमराना किला: दिल्ली-एनसीआर से वीकेंड गेटवे के लिए परफेक्ट! अरावली की पहाड़ी पर बना यह शानदार पैलेस-फोर्ट इतिहास और रॉयल लग्जरी का अद्भुत मेल है.
भानगढ़ किला, सरिस्का के पास स्थित भानगढ़ अपने खंडहरों, पुराने मंदिरों और रहस्यमयी कहानियों की वजह से इतिहास प्रेमियों के लिए एक बेहद रोमांचक जगह है.
अगली बार राजस्थान यात्रा के दौरान सिर्फ शहरों तक सीमित न रहें; अरावली के इन 5 ऐतिहासिक रत्नों को अपनी बकेट लिस्ट में जरूर शामिल करें.