प्रदूषण कर रहा है बच्चों के सीने को 'खराब', अपनाएं ये कारगर उपाय
सर्दियों में ठंड और सर्द हवाएं बच्चों की सेहत पर सबसे ज्यादा असर डालती हैं.
खांसी, सीने में जकड़न और सांस की दिक्कत आम समस्या बन जाती है.
जब बच्चे ठीक से सांस नहीं ले पाते, तो पूरे दिन बेचैनी बनी रहती है.
आयुर्वेद मानता है कि बच्चों की सेहत के लिए शरीर और मन का संतुलन सबसे जरूरी होता है.
अगर बच्चा दूध पीता है तो मां को ठंडी तासीर, भारी और गैस बनाने वाला भोजन से बचना चाहिए.
तिल का तेल यह फेफड़ों को राहत देता है, बलगम निकालता है और जकड़न कम करता है.
हल्का गर्म तिल का तेल लेकर बच्चे के सीने, पीठ, हाथ-पैर पर धीरे-धीरे मालिश करें.
हल्का सेंका हुआ पान का पत्ता + तिल का तेल भी असरदार उपाय है.
इसे सीने पर रखने से खांसी और जकड़न में आराम मिलता है.
जायफल और छुआरा: दूध में भीगा छुआरा + चुटकीभर जायफल
इसे खिलाने से शरीर को अंदर से गर्म रखता है और खांसी कम करता है.
बच्चों की सेहत नाजुक होती है. इन घरेलू उपायों को अपनाने से पहले विशेषज्ञ से सलाह लें.