नंगे पैर चलने से दिल को मिलती है ताकत? जानें सच्चाई और बड़े फायदे
घास पर नंगे पैर टहलने से पैरों के तलवों के सेंसरी नर्व्स एक्टिव होते हैं, जो सीधे तौर पर दिल की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने में मदद करते हैं.
'जर्नल ऑफ एप्लाइड नर्सिंग एंड हेल्थ' के अनुसार, सुबह नंगे पैर चलने से सिस्टोलिक और डायस्टोलिक दोनों ब्लड प्रेशर नॉर्मल रहते हैं.
पैरों का जमीन से सीधा संपर्क नसों के अंतिम सिरों को स्टिम्युलेट करता है, जिससे वेनस रिटर्न (हृदय तक खून की वापसी) की प्रक्रिया तेज होती है.
रोजाना नंगे पैर ब्रिस्क वॉक करने से स्ट्रोक, कार्डियोवैस्कुलर डिसीज और बैड कोलेस्ट्रॉल का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है.
एक्सपर्ट्स के अनुसार, रोजाना सिर्फ 15 से 30 मिनट प्राकृतिक सतह या घास पर नंगे पैर चलना आपकी हार्ट हेल्थ के लिए काफी है.
आयुर्वेद और यूरोपियन सोसाइटी ऑफ मेडिसिन के मुताबिक, नंगे पैर चलने से मन शांत होता है और मानसिक तनाव कम होकर हार्ट रेट बैलेंस रहता है.
15-30 मिनट की यह एक्टिविटी वजन नियंत्रित करने, मेटाबॉलिज्म सुधारने और सुस्त लाइफस्टाइल को खत्म करने में मददगार है.
नंगे पैर चलने से पैरों का नेचुरल वॉकिंग पैटर्न और सेंसरी फीडबैक पूरी तरह री-एक्टिवेट होता है.
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, वीक में 150 मिनट की फिजिकल वॉक के साथ नंगे पैर टहलना आपकी ओवरऑल फिटनेस को दोगुना कर देता है.