ठंडों में बड़े काम की काली मिर्च, जानें सेवन का सही तरीका

किचन में मौजूद काली मिर्च (मरीच) सिर्फ़ स्वाद नहीं बढ़ाती. इसमें बेहतरीन दवा भी है.

आयुर्वेद में इसे 'मरीच' कहा जाता है, जिसमें वात और कफ दोष को संतुलित करने की शक्ति होती है.

सर्दी और खांसी परेशान कर रही है तो काली मिर्च को शहद के साथ लेना लाभकारी होता है. खांसी में आराम देती है.

4 से 5 काली मिर्च को पीसकर हल्के गुनगुने शहद के साथ लें. इससे प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है.

हाथ-पैर सुन्न होने और ठंडे लगने पर अदरक और काली मिर्च का सेवन शरीर को अंदर से गर्माहट देता है.

तुलसी, काली मिर्च और अदरक का काढ़ा वायरल फीवर और जुखाम से राहत दिलाने में बेहद असरदार है.

सर्दियों में मांसपेशियों की जकड़न और जोड़ों में दर्द बढ़ जाता है. इसके लिए काली मिर्च का बाहरी इस्तेमाल राहत देता है.

काली मिर्च के साथ तिल का तेल गर्म करके दर्द वाली जगह पर लगाया जाए तो आराम मिलता है.

ठंडी हवाओं से गले में बैक्टीरियल संक्रमण में काली मिर्च को भूनकर उसका सेवन करने से लाभ मिलेगा.

काली मिर्च में मौजूद एंटी बैक्टीरियल गुण टॉन्सिल जैसी समस्याओं में राहत देते हैं और संक्रमणों से लड़ने में मदद करते हैं.