सफेद चावल से कितना बेहतर है काला चावल? जानिए सच्चाई

काला चावल सिर्फ अपने गहरे बैंगनी-काले रंग के लिए नहीं, बल्कि एंथोसायनिन, फेनोलिक कंपाउंड्स और डाइटरी फाइबर जैसे न्यूट्रिएंट्स के लिए जाना जाता है.

NCBI के अनुसार, काले चावल की बाहरी परत में एंथोसायनिन पिग्मेंट्स अत्यधिक मात्रा में होते हैं, जो पकने के बाद इसे गहरा बैंगनी रंग देते हैं.

सफेद चावल को पॉलिश करते समय उसकी बाहरी परत हट जाती है, जबकि काले चावल में यह पिग्मेंटेड परत सुरक्षित रहती है, जिससे इसके पोषक तत्व बचे रहते हैं.

काले चावल में सफेद चावल की तुलना में अधिक फिनोलिक कंपाउंड्स और एंटीऑक्सीडेंट एक्टिविटी पाई जाती है, जो शरीर को हेल्दी रखने में मदद करती है.

इसमें डाइटरी फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जो पाचन क्रिया को दुरुस्त रखता है और लंबे समय तक पेट भरे होने का अहसास कराता है.

यह सीधे तौर पर कोई 'वेट लॉस शॉर्टकट' नहीं है, लेकिन इसमें मौजूद फाइबर और बायोएक्टिव कंपाउंड्स बॉडी फैट मैनेजमेंट में मदद कर सकते हैं.

12 हफ्तों की एक स्टडी में पाया गया कि ब्लैक राइस एक्सट्रैक्ट से पेट की चर्बी और बॉडी फैट प्रतिशत में कमी देखी गई.

काले चावल का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) सफेद चावल (GI 71) की तुलना में कम (GI 49) पाया गया है, जिससे यह ब्लड शुगर स्पाइक को रोकने में मददगार हो सकता है.

काला चावल किसी बीमारी का इलाज नहीं है, लेकिन इसे एक बैलेंस्ड डाइट में शामिल करना आपकी ओवरऑल हेल्थ और न्यूट्रिशन के लिए बेहतरीन फैसला है.