क्या रक्तदान करने से आती है कमजोरी? जानें कौन कर सकता है डोनेट
एक व्यक्ति द्वारा दिया गया रक्त किसी जरूरतमंद को मौत के मुंह से बाहर निकाल सकता है. फिर भी लोग इससे बचते हैं.
लोग सोचते हैं कि रक्तदान करने से शरीर कमजोर हो जाता है. हालांकि, यह केवल एक गलत धारणा है.
डॉक्टर्स का कहना है कि खून की कमी को हमारा सिस्टम बहुत ही कम समय में प्राकृतिक रूप से पूरा कर लेता है.
NHM के मुताबिक, 18 से 65 वर्ष की आयु का कोई भी स्वस्थ व्यक्ति स्वैच्छिक रूप से आगे आकर रक्तदान कर सकता है.
ब्लड डोनेट करने वाले व्यक्ति के शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर कम से कम 12.5 ग्राम प्रति डेसीलीटर होना अनिवार्य है.
सुरक्षित रक्तदान के लिए डोनर का ब्लड प्रेशर (BP) सामान्य होना चाहिए.
यदि कोई व्यक्ति मौसमी संक्रमण टीबी, कैंसर या किसी अन्य गंभीर बीमारी से जूझ रहा है, तो उसे रक्तदान करने से बचना चाहिए.
रक्तदान से ठीक पहले डोनर की पूरी प्राथमिक स्वास्थ्य जांच की जाती है. इससे उसके सेहत के असर को देखा जाता है.
खून निकालने की इस पूरी प्रक्रिया में केवल कुछ ही मिनट लगते हैं. यह एक बेहद सरल, दर्द रहित प्रक्रिया है.
नियमों के अनुसार, पुरुष हर तीन महीने में और महिलाएं हर चार महीने में सुरक्षित रूप से दोबारा रक्तदान कर सकते हैं.