Budh Vakri 2025: उल्टी चाल चलेंगे बुध भगवान, जानें इसके असर और उपाय

9 नवंबर से बुध ग्रह वृश्चिक राशि में वक्री होने जा रहे हैं. ज्योतिष में इसे उल्टी चाल माना जाता है. इसका असर संचार, व्यापार और यात्रा पर पड़ सकता है.

असल में बुध उल्टी नहीं चलता, यह सिर्फ पृथ्वी से देखने पर ऐसा प्रतीत होता है. इसे दृष्टि भ्रम कहते हैं. साल में 3-4 बार यह अवस्था आती है और लगभग 3 सप्ताह तक रहती है.

इस दौरान बातचीत में गलतफहमी हो सकती है. जो आप बोलना चाहते हैं, वह सही से सामने नहीं आता.

तकनीकी समस्याएं आ सकती हैं. जैसे- कंप्यूटर, मोबाइल, इंटरनेट या दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में खराबी आ सकती है.

यात्रा की योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं. सफर में अप्रत्याशित रुकावटें और देरी हो सकती है.

बुध वक्री के समय व्यक्ति भ्रमित हो सकता है और निर्णय बदल-बदल कर लेता है.

मानसिक स्थिति पर असर हो सकता है. झुंझलाहट, चिड़चिड़ापन और मानसिक असंतुलन महसूस हो सकता है.

उपाय- बुध ग्रह के लिए असली पन्ना रत्न पहनें. “ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः” या “ॐ बुं बुधाय नमः” का जाप करें. बुधवार को गणेश जी की पूजा या बुध यंत्र की स्थापना करें.

उपाय- हरे रंग की चीजें दान करें– हरी मूंग, हरे कपड़े या पत्तेदार सब्जियां. बुधवार को गायों को हरा चारा खिलाएं.

उपाय- खाली मटकी को बहते पानी में प्रवाहित करें. कन्याओं को भोजन कराकर हरे वस्त्र या रुमाल भेंट करें.