लाल टमाटर बड़े मजेदार! जलवायु परिवर्तन से लड़ने का नया हीरो, पढ़ें शोध

टमाटर की फसल कार्बन सिंक और जलवायु परिवर्तन से लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.

हिमाचल प्रदेश का टमाटर किसानों की आमदनी बढ़ाने के साथ जलवायु परिवर्तन से लड़ाई लड़ रहा है.

ताज़ा शोध में पाया गया है कि टमाटर अन्य सब्जियों की तुलना में ग्रीनहाउस गैसों को सबसे ज्यादा अवशोषित करता है.

 शोध के अनुसार टमाटर ने 197 क्विंटल प्रति हेक्टेयर की दर से कार्बन पृथक्करण किया. बाकी फसलों में ये आंकड़ा 183.82 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है.

टमाटर का पौधा प्रकाश संश्लेषण के माध्यम से वायुमंडलीय कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित कर उसे अपने बायोमास में संग्रह करता है.

टमाटर एक प्राकृतिक कार्बन सिंक के रूप में कार्य करता है, जो वातावरण से ग्रीनहाउस गैसों को हटाने में मदद करता है.

शिमला मिर्च, फूलगोभी, मटर और फ्रेंच बीन्स जैसी फसलें भी अध्ययन में शामिल थीं, लेकिन टमाटर सबसे आगे रहा.

यह शोध दर्शाता है कि किस तरह कृषि प्रणाली को जलवायु अनुकूल बनाते हुए कार्बन उत्सर्जन में कमी लाई जा सकती है.

सतत खेती पद्धतियों के साथ उगाई टमाटर जैसी फसलें पर्यावरणीय संकट से लड़ने में बड़ी भूमिका निभा सकती हैं.

यह शोध पत्र अंतरराष्ट्रीय जर्नल ‘साइंस ऑफ द टोटल एनवायरनमेंट’ में प्रकाशित हुआ है.