पेशाब आने सामान्य प्रक्रिया है लेकिन अगर ज्यादा पेशाब आती है तो आपको अलर्ट हो जा चाहिए.

दिनभर में 6 से 8 बार पेशाब आना चाहिए. वहीं उम्र, तरल पदार्थ के सेवन के कारण यह 4 से 10 बार होना सामान्य है.

सामान्य रूप से स्ट्रेस और एंग्जायटी, ज्यादा लिक्विड पीने के साथ ही कुछ खास दवाओं और प्रेग्नेंसी के कारण भी पेशाब आती है.

हालांकि, डायबिटीज, ओवरएक्टिव ब्लैडर, UTI, कैफीन या शराब, प्रोस्टेट, ब्लैडर स्टोन या ट्यूमर के कारण ज्यादा पेशाब आती है.

बार-बार पेशाब के कारण दर्द या जलन, यूरिन रोकने में समस्या, पेट के निचले हिस्से में दर्द, खून या लीकेज हो सकता है.

यूरिन पास करने में ऐसी समस्याओं का होना सेहत के लिए गंभीर संकेट देता है. ऐसे में आपको अलर्ट रहना चाहिए.

पानी या कैफीन का संतुलित सेवन करना चाहिए और शराब नहीं पीना चाहिए.

ब्लैडर की मांसपेशियों को मजबूत करने पर ध्यान दें. इसक लिए कीगल एक्सरसाइज करें.

स्ट्रेस और एंग्जाइटी को कम करें. मन अच्छा रखने के लिए योग और ध्यान करें.

परेशानी बढ़ने पर डॉक्टर से राय लें और इलाज कराएं. ज्यादा समय तक नुस्खों पर न चलें.