नासा और अन्य स्पेस एजेंसियों की सैटेलाइट इमेज और डाटा से यह जानकारी सामने आई है. जिसमें पिछले कुछ दशक से पृथ्वी की धुरी में 80 से ज्यादा सेंटीमीटर झुकाव आने की बात सामने आई है.
वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर समय रहते इस बदलवा को नहीं रोका गया, तो आने वाले दशकों में प्राकृतिक आपदाएं आम हो जाएंगी.
धरती के बदलाव का असर सीधा मौसम और तापमान पर पड़ता है. इसमें ध्रुवों की बर्फ तेजी से पिघलेगी और समुद्र का स्तर बढ़ेगा.
भारत उन देशों में शामिल है, जहां भूजल का दोहन सबसे जायदा होता है.
पृथ्वी की धुरी यानी वह काल्पनिक रेखा है जिस पर पृथ्वी घूमती है. इसका स्थिर रहना मौसम जलवायु और समुद्री लहरों के लिए बेहद जरूरी है.