बार-बार हो रही खांसी? अपनाएं दादी का लौंग वाला नुस्खा

मौसम बदलते ही खांसी, जुकाम और गले में खराश की समस्या बढ़ जाती है, जिसमें घरेलू नुस्खे राहत पहुंचाते हैं.

आयुर्वेद के साथ-साथ मेडिकल साइंस भी गले के इंफेक्शन और कफ में लौंग के औषधीय गुणों को मानती है.

लौंग में इयूजिनॉल नामक कंपाउंड होता है, जिसमें एंटी-इन्फ्लेमेटरी, एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-माइक्रोबियल गुण पाए जाते हैं.

लौंग में मौजूद गुण गले की सूजन, जलन और खराश को कम करके अस्थायी राहत देने में मदद करते हैं.

सूखी खांसी में 1-2 लौंग को एक कप पानी में उबालकर या ढककर बनाई गई हल्की चाय पीने से आराम मिलता है.

बलगम वाली खांसी में गर्म पानी या चाय के रूप में लौंग लेने से गले की असहजता कम होती है.

लौंग के साथ शहद मिलाकर लेने से गले की खराश और कफ की समस्या में काफी बेहतर परिणाम मिलते हैं.

लौंग प्राकृतिक है, लेकिन इसका अत्यधिक सेवन न करें और इसके तेल का उपयोग बिना डॉक्टरी सलाह के न करें.

यदि खांसी कई दिनों तक बनी रहे, सांस फूले या सीने में दर्द हो, तो तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं.