हाई बीपी से हैं परेशान? जानें बचाव का सबसे सरल रास्ता
ज्यादा वजन, अधिक नमक का सेवन, स्मोकिंग, शराब और फिजिकल एक्टिविटी की कमी बीपी बढ़ने के मुख्य कारण हैं.
सिरदर्द, चक्कर आना, घबराहट, धड़कन, नाक से खून आना हाई बीपी के शुरुआती संकेत हो सकते हैं.
रोजाना केवल 20-30 मिनट योग करने से न सिर्फ शरीर फिट रहता है, तनाव कम होता है.
ताड़ासन, भुजंगासन, शशांकासन और शवासन जैसे आसन बीपी के मरीजों के लिए बहुत फायदेमंद माने जाते हैं.
अनुलोम-विलोम, भ्रामरी और शीतली प्राणायाम करने से मन शांत होता है और दिल की धड़कन सामान्य बनी रहती है.
डाइट में सबसे पहला बदलाव नमक कम करना है. ज्यादा नमक सीधे आपके ब्लड प्रेशर को बढ़ाता है.
अपनी थाली में लौकी, करेला, खीरा, गाजर और आंवला जैसी हरी सब्जियां व फल शामिल करें.
जौ, ज्वार और गेहूं जैसे अनाज का सेवन करें. छाछ पीना पाचन के लिए बेहतरीन है.
तली-भुनी चीजें, ज्यादा तेल-मसाले और कैफीन का सेवन कम करें. इससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है.
रोजाना 30 मिनट की तेज सैर करें, पर्याप्त पानी पीएं और रात को समय पर सोने की आदत डालें.
तनाव दूर करने के लिए मेडिटेशन करें, संगीत सुनें और खुश रहें. मानसिक शांति सबसे कारगर है.