करी पत्ता रहेगा हमेशा हरा-भरा और घना! माली ने बताया रसोई के 'सफेद घोल' का जादू
अगर आपके करी पत्ते की ग्रोथ रुक गई है या पत्तियां पीली पड़कर झड़ रही हैं, तो माली का यह घरेलू नुस्खा पौधे में नई जान फूंक देगा.
करी पत्ते को एसिडिक मिट्टी पसंद है. पौधे में खट्टी छाछ या मट्ठा (छाछ) को पानी में मिलाकर पतला घोल बनाकर जड़ों में डालें.
छाछ का यह सफेद घोल मिट्टी के pH स्तर को बनाए रखता है और पौधे को जरूरी नाइट्रोजन प्रदान कर जड़ों को मजबूत करता है.
एक-एक पत्ती खींचकर कभी न तोड़ें. ऐसा करने से टहनी सूख जाती है. जब भी जरूरत हो, पूरी डंठल को आगे से काटें.
अगर पौधा केवल लंबा हो रहा है, तो ऊपर की मुख्य टहनी काटने से न डरें. छंटाई किए बिना नई शाखाएं नहीं निकलेंगी.
ऊपरी टहनी को आगे से ट्रिम (पिंच) करने पर उसी हिस्से के पास से 5 से 6 नई शाखाएं फूटती हैं, जिससे पौधा झाड़ीदार बनता है.
करी पत्ते को रोज कम से कम 4 से 5 घंटे की सीधी प्राकृतिक धूप मिलने वाली जगह पर रखें ताकि पत्तियां डार्क ग्रीन और चमकीली रहें.
जरूरत से ज्यादा पानी न दें. गमले की ऊपरी 1-2 इंच मिट्टी सूखने पर ही पानी डालें ताकि जड़ें सड़ने से बच सकें.
महीने में 1-2 बार हल्की गुड़ाई जरूर करें. इससे जड़ों को सही ऑक्सीजन मिलती है और फंगस का खतरा खत्म होता है.